- अब सदर अस्पताल में शाम को भी होगी सर्जरी, सिविल सर्जन डाॅ. प्रभात कुमार ने फीता काटकर की ओटी की शुरूआत
रांची, रिपोर्टर। सदर अस्पताल रांची के लिए आज ऐतिहासिक दिन रहा। अस्पताल में लेप्रोस्कोपी सर्जरी की शुरुआत के पांच वर्ष पूरे होने पर केक काटकर जश्न मनाया गया। 22 सितंबर 2020 को कोविड काल के बीच झारखंड का पहला जिला अस्पताल बना था, जहां मिनिमली इनवेसिव तकनीक से सर्जरी की शुरुआत हुई थी। इन पांच वर्षों में सैकड़ों मरीजों का सफल इलाज हो चुका है। पांच साल पूरी होने के साथ ही मरीजों को एक और खुशखबरी दी गई। मरीजों की बढ़ती संख्या और सर्जरी के लिए लंबे इंतजार को देखते हुए सोमवार से अस्पताल प्रशासन ने दूसरी पाली में इवनिंग ओटी में भी ऑपरेशन शुरू कर दिया। इसमें न्यूरोसर्जरी, आर्थोपेडिक, जनरल सर्जरी, गायनी, प्लास्टिक सर्जरी समेत कई विभागों के ऑपरेशन होंगे।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने संयुक्त रूप से केक काटा और फीता काटकर ईवनिंग ओटी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर ओटी इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार, डॉ. नीरज, डॉ. विकास बल्लभ, डॉ. स्टीफन खेस, डॉ. वसुधा, डॉ. तन्मय, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. धनंजय समेत ओटी स्टाफ और नर्सिंग टीम मौजूद रही।

नवंबर से सर्जरी विभाग में शुरू होगी डीएनबी की पढ़ाई
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि आगामी नवंबर से सदर अस्पताल, रांची के सर्जरी विभाग में डीएनबी (पीजी) कोर्स की पढ़ाई शुरू होगी। इससे न केवल अस्पताल को विशेषज्ञ डॉक्टरों की नई पीढ़ी मिलेगी बल्कि मरीजों को भी आपातकालीन स्थितियों में बेहतर और त्वरित सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और क्षमता दोनों में बड़ा सुधार होगा।
