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क्या सिर्फ वजन घटाने से टल सकता है हार्ट अटैक? जानिए कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह और किन बातों का रखना होगा ध्यान

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही युवाओं में भी हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या केवल वजन कम कर लेने से दिल की बीमारियों का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए सेहत मंथन ने रिम्स, रांची के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कुमार से बातचीत की।

वजन घटाना दिल के लिए फायदेमंद, लेकिन अकेला उपाय नहीं

डॉ. प्रशांत कुमार बताते हैं कि वजन नियंत्रित रखने से हृदय रोगों का खतरा निश्चित रूप से कम होता है। मोटापे के कारण शरीर में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, खराब कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, जो सीधे हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। हालांकि, केवल वजन कम कर लेने से हार्ट अटैक या अन्य हृदय रोगों का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।

उनके अनुसार, कई सामान्य वजन वाले लोगों में भी धूम्रपान, तनाव, अनियमित दिनचर्या, पारिवारिक इतिहास और शारीरिक निष्क्रियता के कारण हृदय रोग विकसित हो सकते हैं।

5 से 10 प्रतिशत वजन कम करना भी देता है बड़ा फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने कुल वजन का केवल 5 से 10 प्रतिशत भी कम कर लेता है, तो उसके स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार देखा जा सकता है। इससे कई लाभ मिलते हैं-

  • रक्तचाप नियंत्रित रहने लगता है।
  • खराब (एलडीएल) कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर कम होता है।
  • अच्छे (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल में सुधार होता है।
  • इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है।
  • शरीर में सूजन (Inflammation) कम होती है।
  • हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा घटता है।
  • हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए किन बातों का रखें ध्यान

नियमित व्यायाम करें : सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करें। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी, योग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार हैं।

संतुलित आहार लें : भोजन में साबुत अनाज, दालें, हरी सब्जियां, मौसमी फल, लो-फैट डेयरी उत्पाद और प्रोटीन युक्त आहार शामिल करें। तला-भुना भोजन, अधिक नमक, चीनी और ट्रांस फैट से बचें।

धूम्रपान और शराब से दूरी : धूम्रपान हृदय रोग का सबसे बड़ा जोखिम कारक है। अत्यधिक शराब का सेवन भी हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

तनाव और नींद का रखें ध्यान : लगातार मानसिक तनाव और 6 घंटे से कम नींद भी हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकती है। प्रतिदिन 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है।

कौन लोग हैं ज्यादा जोखिम में?

इन लोगों में हृदय रोग होने की संभावना अधिक रहती है-

  • मोटापा या पेट के आसपास अधिक चर्बी
  • मधुमेह
  • उच्च रक्तचाप
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल
  • धूम्रपान
  • शारीरिक निष्क्रियता
  • अत्यधिक तनाव
  • पारिवारिक इतिहास
  • जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन

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हार्ट की जांच कब करानी चाहिए?

डॉ. प्रशांत कुमार सलाह देते हैं कि हृदय रोगों की रोकथाम के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूरी है।

  • 18 वर्ष की उम्र से नियमित रक्तचाप की जांच करानी चाहिए।
  • यदि हाई बीपी का खतरा है तो हर साल जांच कराएं।
  • 40 वर्ष के बाद साल में कम से कम एक बार बीपी, ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल जरूर कराएं।
  • यदि परिवार में हृदय रोग या मधुमेह का इतिहास है तो डॉक्टर की सलाह पर कम उम्र से ही जांच शुरू कर दें।
  • युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले?

विशेषज्ञों के अनुसार आजकल युवाओं में देर रात तक जागना, तनाव, धूम्रपान, फास्ट फूड, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित दिनचर्या के कारण हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए 30 वर्ष की उम्र के बाद ही नहीं, बल्कि युवावस्था से ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है।

क्या पेट की चर्बी कम करने से भी फायदा होता है?

डॉ. प्रशांत कुमार बताते हैं कि पेट के आसपास जमा विसरल फैट सबसे ज्यादा नुकसानदायक होता है। यह शरीर में सूजन बढ़ाता है और मेटाबॉलिक गड़बड़ियां पैदा करता है। इसलिए कमर का घेरा नियंत्रित रखना भी हार्ट हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है।

क्या तेजी से वजन घटाना सुरक्षित है?

विशेषज्ञों के अनुसार बहुत तेजी से वजन घटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। क्रैश डाइट या बिना चिकित्सकीय सलाह के अत्यधिक वजन कम करना शरीर और हृदय दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वजन धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से कम करना सबसे सुरक्षित माना जाता है।

सेहत मंथन की सलाह

वजन कम करना दिल को स्वस्थ रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन यह अकेला समाधान नहीं है। यदि आप वास्तव में हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों से बचना चाहते हैं, तो नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण, धूम्रपान से दूरी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। स्वस्थ जीवनशैली ही स्वस्थ हृदय की सबसे बड़ी गारंटी है।


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