डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य भारत के वरिष्ठ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं तथा ट्रॉमा सेंटर, सेंट्रल इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार, ट्रॉमा प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा और गहन चिकित्सा सेवाओं (Critical Care Services) के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने आधुनिक एवं समग्र क्रिटिकल केयर प्रणाली विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
Dr. Pradip Bhattacharya
Critical Care Medicine and Anesthesiology Specialist | MD, ACME, FICCM, FCCCM, FCCM
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Dr. Pradip Bhattacharya
Critical Care Medicine and Anesthesiology Specialist | MD, ACME, FICCM, FCCCM, FCCM
जीवनी (Biography)
शिक्षा एवं फेलोशिप (Education)
- एमबीबीएस - भागलपुर के मेडिकल कॉलेज से 1992 में।
- एमडी (एनेस्थीसियोलॉजी) - नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर से 1997 में।
- सीनियर रेजिडेंसी (एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर) - अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली से 2000 में।
अनुभव (Experience)
- 2000 में एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर बने।
- 2007 में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नत हुए।
- 2008 से 2010 तक मैक्स हेल्थकेयर, नई दिल्ली में हेड, क्रिटिकल केयर के रूप में कार्य किया।
- 2011 से 2019 तक चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, भोपाल में विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक पदों पर कार्य किया। इस दौरान डायरेक्टर, क्रिटिकल केयर की जिम्मेदारी भी संभाली।
- 2019 से वर्तमान तक रिम्स, रांची में कार्यरत हैं।
- वर्तमान में प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष (क्रिटिकल केयर मेडिसिन) एवं डीन (रिसर्च) के पद पर कार्य कर रहे हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
- क्रिटिकल केयर मेडिसिन, ट्रॉमा केयर, आपातकालीन चिकित्सा, एनेस्थीसियोलॉजी, वेंटिलेटर प्रबंधन, सेप्सिस प्रबंधन, मल्टी ऑर्गन फेल्योर, शॉक मैनेजमेंट, पोस्ट ऑपरेटिव क्रिटिकल केयर, एयरवे मैनेजमेंट, आईसीयू प्रबंधन, पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड (POCUS), रेससिटेशन, ट्रॉमा रिससिटेशन
अन्य जानकारी (Other Details/Facts)
प्रमुख उपलब्धियां (Achievements)
- वर्ष 2013 में चिरायु मेडिकल कॉलेज, भोपाल को पहली बार एनएबीएच (NABH), एनएबीएल (NABL), आईएसओ (ISO) सहित अन्य राष्ट्रीय गुणवत्ता मान्यताएं दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उस समय चिरायु मेडिकल कॉलेज देश का चौथा मेडिकल कॉलेज था, जिसे ये सभी गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुए।
- रिम्स, रांची में क्रिटिकल केयर, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान।
- देश में साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) क्रिटिकल केयर चिकित्सा को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका।
राष्ट्रीय संगठनों में नेतृत्व (Leadership Positions)
- 2007 – राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (National Executive Committee) के सदस्य
- 2011 – उपाध्यक्ष (Vice President)
- 2013 – राष्ट्रीय सचिव (National Secretary)
- 2018 – पुनः राष्ट्रीय सचिव
- इंडियन कॉलेज ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन (ICCCM) के प्रिंसिपल
- इंडियन कॉलेज ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के वाइस चांसलर
- 2024–25 – अध्यक्ष (President), इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन
- 2024–25 – चांसलर, इंडियन कॉलेज ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन
राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन (National Conferences Organized)
- 2002 – इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस
- 2004 – इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिटिकल केयर एनेस्थीसियोलॉजी कॉन्फ्रेंस
- 2008 – इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन कॉन्फ्रेंस
- 2014 – ओरिजिनल रिसर्च इन क्रिटिकल केयर मेडिसिन कॉन्फ्रेंस
- 2019 – आईएससीसीएम सिल्वर जुबली राष्ट्रीय सम्मेलन, मुंबई
- 2023 – क्रिटिकल केयर लीग, रांची
- 2025 – इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन का राष्ट्रीय सम्मेलन, कोच्चि
शोध एवं प्रकाशन (Research & Publications)
- 12 से अधिक क्रिटिकल केयर विषयक पुस्तकों के संपादन एवं लेखन में योगदान।
- विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेडिकल पुस्तकों में 25 अध्याय (Book Chapters) लिखे।
- क्रिटिकल केयर मेडिसिन से संबंधित 80 से अधिक शोध पत्र (Research Publications) प्रकाशित।
- भारत में क्रिटिकल केयर उपचार दिशानिर्देश (Indian Critical Care Guidelines) तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- शैक्षणिक एवं पेशेवर योगदान (Academic Contributions)
- 25 वर्षों से अधिक समय से चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण से जुड़े हुए हैं।
- देशभर के मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रों एवं युवा चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में नियमित वक्ता (Invited Speaker) एवं फैकल्टी।
- आधुनिक, साक्ष्य-आधारित एवं मरीज-केंद्रित क्रिटिकल केयर प्रणाली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान।
- भारत में क्रिटिकल केयर मेडिसिन की गुणवत्ता, शोध और प्रशिक्षण को नई दिशा देने वाले प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल।
